दीनता के भाव द्वारा ही सफ़ल व्रत जीवन संभव:महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद
मंगलवार, अप्रैल 14, 2026, आरागेट: आज आरागेट के संत फ्रांसिस काथलिक गिरजाघर में राँची काथलिक महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद के सम्मुख सिस्टर्स ऑफ पूअर हैंडमेड ऑफ जीसस क्राइस्ट की तीन धर्मबहनों ने आजीवन व्रत धारण किया।
आज सिस्टर्स ऑफ पूअर हैंडमेड ऑफ जीसस क्राइस्ट के धर्मसंघ के लिए विशेष दिन रहा क्योंकि उनके तीन धर्मबहनों सिo अलीश कुल्लू, सिo संध्या केरकेट्टा एवं सिo अनामिका तीडू ने आज्ञाकारिता, निर्धनता तथा शुद्धता का आजीवन व्रत धारण किया। महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद के पल्ली परिसर में आगमन पर हाथ धोकर उनका स्वागत किया गया। तत्पश्चात पवित्र मिस्सा बलिदान का आरंभ समारोही जुलूस के साथ किया गया। मिस्सा बलिदान की अगुवाई महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद ने किया। उन्होंने अपने धर्मोपदेश में कहा कि "आज का व्रत अंतिम नहीं है बल्कि यह प्रत्येक दिन व्रत के अनुसार जीने की प्रतिज्ञा है। और व्रत यह है कि मैं प्रभु की दासी हूँ और उसी के आज्ञा अनुसार मैं प्रभु और लोगों को समर्पित जीवन जीती हूँ।" उन्होंने निर्धनता तथा नम्रता के भाव के साथ जीवन जीने का संदेश भी दिया। उन्होंने यह भी कहा कि ईश्वर के बिना व्रत धारण जीवन की गारंटी नही क्योंकि ईश्वर ही शक्ति का स्रोत है। धर्मोपदेश के बाद व्रत धारण करने वाली धर्मबहनों ने आजीवन व्रत की घोषणा कर घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर भी किया। उनके इस व्रत धारण के प्रतीक स्वरूप उन्हें महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद द्वारा आशीष किया हुआ अंगूठी भी पहनाया गया। तत्पश्चात पवित्र मिस्सा बलिदान सामान्य रूप से समाप्ति की आगे बढ़ता गया। मिस्सा समाप्ति पर महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद व्रत धारण करने वाली धर्मबहनों को आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं दीं और उनके माता पिता एवं रिश्तेदारों को उनके जीवन में विश्वास का बीज बोने के लिए धन्यवाद दिया। संत फ्रांसिस काथलिक गिरजाघर आरागेट में आयोजित व्रत धारण की धर्मविधि अन्य विश्वासियों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बना। यह हमेशा विश्वासियों एवं अन्य लोगों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा कि वे भी प्रभु में समर्पित और समुदायों एवं लोगों की भलाई में अपना जीवन समर्पित करें।
इस अवसर पर महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद के अलावा पल्ली पुरोहित फाo बेसिल रुंडा, सिo लुसी, सिo हेलन अन्य धर्मबहनें, पल्ली के विश्वासी, व्रत धारण करने वाली धर्मबहनों के माता पिता एवं रिश्तेदार उपस्थित रहे।