चालीसा काल घमंड का दमन करने का समय: महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद
रविवार, फरवरी 22, 2026, रोगो, बेड़ों: राँची काथलिक महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद आज दिघिया पल्ली के रोगो पहुंचे एवं इस ग्राम की छोटी कलीसिया के लिए मिस्सा बलिदान अर्पित किया। उन्होंने वहां के विश्वासियों से मुलाक़ात कर उनकी समस्याओं और ज़रूरतों को सुना।
राँची काथलिक महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद अपनी जिम्मेदारी का भली भांति निर्वाहन करते हुए आज रोगो ग्राम के विश्वासियों का हाल खबर जानने पहुंचे। वहां उन्होंने विश्वासियों के लिए मिस्सा बलिदान अर्पित किया। उन्होंने अपने धर्मोपदेश में कहा कि "चालीसा काल घमंड, ईर्ष्या, लालच आदि दुर्गुणों को त्यागने का समय है। साथ ही यह काल हमारे आध्यात्मिक साधना के प्रशिक्षण का समय है। इस काल में हम विशेष प्रार्थना, साधना, उपवास करते हैं और जीवन भर ऐसा ही करते हुए जीवन यापन करने का प्रण लेते हैं।" ज्ञात हो कि रोगो ग्राम राँची काथलिक महाधर्मप्रांत के लिए एक ऐतिहासिक स्थान है क्योंकि 100 साल पहले इस से स्थान पर मिशनरी कार्य आरंभ हुआ। मिस्सा समाप्ति पर महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद ने विश्वासियों से मुलाक़ात कर उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने अपने संबोधन में रोगो ग्राम के विश्वासियों को एक ख्रीस्तीय जीवन जीने एवं दूसरों के सम्मुख आदर्श प्रस्तुत करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने लघु ख्रीस्तीय कम्युनिटी स्थापित करने का अपना सपना बताया। महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद के रोगो ग्राम का दौरा यादगार पल बना क्योंकि वहीं के विश्वासी इसकी प्रतीक्षा में थे।
फ़ा o आनंद कुमार भेंगरा, महाधर्माध्यक्ष के सचिव फाo असीम मिंज पल्ली एवं रोगो ग्राम के विश्वासी में शामिल रहे।